हमें खुद ही खुद को बदलना हैं

सीमापुरी बॉर्डर से आनंद विहार की तरफ आज मैं यानी आपका (अंतर्यामी बाबा) अपने मनोरंजन हेतु फिल्म देखने के लिए जा रहा था, आनंद विहार से कुछ दूर पहले ही एक हौंडासिटी कार एक स्कूटर वाले को जिसके साथ उसकी एक बच्ची भी थी तकरीबन 4 साल की होगी साइड मार कर बड़ी तेज़ी से भाग गई .. बाबा ने अपनी लाल रंग की स्टाइलिश बाइक रोड पर रोकी और लाल बत्ती की तरह खड़ी कर दी जिससे कोई उस तरफ ना आये और जल्दी से उस आदमी को उठाया और उस बच्ची को भी रोड की साइड मैं ले गया और जो रोड पर उसका स्कूटर था वो भी साइड मैं लगा दिया और फिर बाकी लोग भी गाडी रोक के सहायता के लिए आगे आ गये आदमी की टांग मैं चोट आई थी कपडे लगभग फट गये थे और बच्चे के सर मैं गहरी चोट आई थी, पर खून नही बह रहा था जो खुद का शुक्र हुआ, जिस गाडी ने साइड मारी थी वो गाडी तो देखी पर नज़र कमज़ोर होने के कारण नंबर नोट नही कर पाया और एक वजह शायद ये भी थी की जो स्कूटर वाला रोड पर गिर पड़ा था उसे उठाने की वजह से नंबर नोट नही कर पाया .. खेर आज दिल्ली मैं ये देख के संतोष हुआ की लोग हेल्प के लिए तुरंत आगे आये .. और एक कार वाले महोदय ने उन्हें अस्पताल चलने को कहा लेकिन उस व्यक्ति ने मना कर दिया और फिर उसने अपने घर से किसी को बुलाया... बहरहाल 16 दिसंबर की घटना से दिल्ली वालो ने सबक लिया है और सहायता के लिए आगे आने लगे हैं, कुछ पंक्तियाँ अर्ज़ हैं -- हमें खुद ही खुद को बदलना हैं, सरकारें बदलने से सोच नही बदला करती।। जय हिन्द।।

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