डिग्री तो ठीक है, पर असली टीचर है इंटर्नशिप!

आजकल हर स्टूडेंट की ज़ुबान पर एक शब्द बहुत चलता है इंटर्नशिप। कॉलेज में पढ़ाई करते हुए जब करियर की सोच आने लगती है, तो सबसे पहले दिमाग में आता है कि किसी अच्छी कंपनी में इंटर्नशिप कर ली जाए। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका असली फायदा क्या होता है? क्या ये सिर्फ एक अनुभव है या फिर असल में कुछ और भी मिलता है जैसे एक्सपोज़र? चलिए आज इस बारे में बात करते हैं।

सबसे पहले समझते हैं कि इंटर्नशिप होती क्या है। दरअसल, ये एक ऐसा मौका है जब आप किसी कंपनी या संस्था के साथ कुछ समय के लिए काम करते हैं बिल्कुल वैसे जैसे वहाँ के बाकी कर्मचारी। फर्क सिर्फ इतना होता है कि आप वहाँ सीखने के लिए जाते  हैं। आपको काम दिया जाता है, टीम में शामिल किया जाता है, और आप असली ज़िंदगी के कामकाज को महसूस करते हैं। कई बार ये इंटर्नशिप कॉलेज के क्रेडिट्स के लिए भी बहुत जरूरी होती है।

अब बात करते हैं अनुभव की। जब आप क्लासरूम में कुछ पढ़ते हैं तो वो थ्योरी होती है। लेकिन असली दुनिया में उस थ्योरी का इस्तेमाल कैसे होता है, ये हमें इंटर्नशिप के दौरान ही समझ आता है। जैसे अगर आपने जर्नलिज्म पढ़ा है तो आप इंटर्नशिप मैं देखेंगे की आपको लिखना कैसे हैं कैमरा कैसे हेंडल करना है , कैसे लोगो से बात करनी है और कैसे आप खुद को समाज के लिए समर्पित करना है या फिर अगर आपने मार्केटिंग पढ़ा है, तो इंटर्नशिप में आप देखोगे कि असली मार्केटिंग में रिसर्च करना, क्लाइंट से बात करना, प्लान बनाना और प्रेजेंटेशन देना कितना अलग होता है। यही अनुभव है, जो आपको क्लास से बाहर मिल सकता है। यह अनुभव आपकी सोच और समझ दोनों को गहराई देता है।

अब आते हैं एक्सपोज़र पर। जब आप इंटर्नशिप करते हैं, तो आप सिर्फ काम नहीं करते, बल्कि बहुत कुछ नया देखते और सीखते हैं। अलग-अलग लोगों से मिलते हो, ऑफिस का माहौल समझते हो, और ये भी जान पाते हो कि किसी इंडस्ट्री में काम करने का असली तरीका क्या होता है। इससे आपकी सोच बढ़ती है, नजरिया बदलता है और आप ज्यादा परिपक्व हो जाते हो। कई बार आपको पता चलता है कि उस फील्ड में कौन से टूल्स, सॉफ्टवेयर या तकनीक का उपयोग किया जाता है जो किताबों में नहीं बताया गया होता।

एक और ज़रूरी बात इंटर्नशिप के दौरान आप जिन लोगों से मिलते हो, वे आपके भविष्य में काम सकते हैं। हो सकता है कोई आपको आगे रेफर कर दे, या किसी कंपनी में आपकी पहचान बन जाए। ये नेटवर्किंग है, जो करियर की राह आसान कर सकती है। आज की प्रोफेशनल दुनिया में 'किसे जानते हो' भी उतना ही जरूरी हो गया है जितना कि 'क्या जानते हो'

कुछ स्टडीज़ के मुताबिक, करीब 70% कंपनियां उन इंटर्न्स को फुल टाइम जॉब का ऑफर देती हैं जिनका परफॉर्मेंस अच्छा होता है। मतलब, एक अच्छी इंटर्नशिप आपकी पहली नौकरी का गेटवे भी बन सकती है।

कभी-कभी इंटर्नशिप से ये भी पता चलता है कि जो फील्ड आपने चुना है, वो आपके लिए सही है या नहीं। सोचिए अगर आप इंजीनियरिंग कर रहे हैं, लेकिन इंटर्नशिप के दौरान आपको एहसास हो कि आपको कोडिंग बिल्कुल पसंद नहीं, तो आप समय रहते अपनी राह बदल सकते हो। ये एक तरह से करियर ट्रायल का मौका होता है, जिसमें बिना ज़्यादा रिस्क लिए आप फील्ड को समझ सकते हैं।

और हां, इंटर्नशिप से आपका रिज़्यूमे भी मजबूत होता है। जब आप किसी जॉब के लिए अप्लाई करते हो, तो इंटरव्यू लेने वाला ये देखता है कि आपने पहले क्या किया है। अगर आपके पास इंटर्नशिप का अनुभव है, तो आप बाकियों से अलग नज़र आते हो। आप अपने इंटरव्यू में असली प्रोजेक्ट्स की बात कर सकते हो, जिससे आपकी प्रोफेशनल समझ सामने आती है।

अब बात करें पेड और अनपेड इंटर्नशिप की। अगर आपको इंटर्नशिप में पैसे मिलते हैं, तो अच्छा ही है। लेकिन अगर नहीं भी मिलते, तो भी निराश मत होइए, क्योंकि असली कमाई वो सीख होती है जो आपको मिलती है और वो आगे चलकर बहुत काम आएगी। कुछ बार तो बड़ी कंपनियां जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, और एडलोबी जैसी कंपनियां अपने इंटर्न्स को इतना अच्छा एक्सपोज़र देती हैं कि वह अनुभव किसी भी जॉब से कम नहीं होता।

आजकल इंटर्नशिप पाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी हैं जैसे कि Internshala, LinkedIn, LetsIntern, और Glassdoor यहां आप अपनी प्रोफाइल बना सकते हैं और अपनी रुचि के हिसाब से अप्लाई कर सकते हैं।

तो कुल मिलाकर देखा जाए तो इंटर्नशिप में सिर्फ अनुभव नहीं मिलता, बल्कि एक्सपोज़र भी होता है और यही दोनों चीज़ें मिलकर आपको करियर की दुनिया के लिए तैयार करती हैं। अगर आपने अभी तक इंटर्नशिप नहीं की है, तो आने वाली छुट्टियों में ज़रूर कोशिश कीजिए।

शुरुआत में थोड़ा डर लग सकता है, रिजेक्ट भी हो सकते हैं, लेकिन कोशिश करते रहिए क्योंकि यही छोटे-छोटे कदम एक दिन बड़ा रास्ता बनाते हैं। जो आज सीख रहे हो, वही कल तुम्हारी ताकत बन जाएगी।

अब देर मत कीजिए, अपना रिज़्यूमे अपडेट कीजिए, कंपनियों की वेबसाइट पर जाइए, और इंटर्नशिप के लिए अप्लाई करना शुरू कर दीजिए। हो सकता है आपकी पहली जॉब की शुरुआत यहीं से हो जाए।

आपका भविष्य आपका इंतज़ार कर रहा है तैयार हो जाइए!


-- डॉ. खुर्शीद आलम 

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