मुहब्बत की हवाएं

मुहब्बत की हवाएं फिर उड़ी मेरे शहर मैं, अब तबियत उखड़ी उखड़ी सी है,
चले गये मिर्ज़ा ग़ालिब , और मीर तक़ी मीर, कल से अपनी भी तबियत बिगड़ी सी है, दुआ कीजिये :(  -- खुर्शीद 

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