कुछ लडकियां कितनी स्मार्ट होती हैं ना..!

कुछ लडकियां कितनी स्मार्ट होती हैं ना..! मेट्रो के दरवाज़े के बराबर मैं जो सीट है उस पर दो ही लोग बैठ सकते हैं मेट्रो भरी हुई थी उस सीट पर एक लड़का और एक लड़की बैठे हुए थे.. तभी उस तरफ एक महिला आई उसकी गोद मैं एक बच्चा भी था महिला खड़ी रही तभी उस लड़की का ध्यान महिला पर गया और वो उसे बैठने के लिए सीट देने के लिए खड़ी हुई, उसको खड़ा होते देख लड़के को शर्म आ गयी और लड़का खड़ा हो गया और महिला सीट पर बैठ गई.. लड़की को शायद अंदाज़ा था की मैं अगर उठी तो कम से कम इस लड़के को शर्म ज़रूर आयगी और ये खड़ा हो जायेगा हुआ भी वैसा ही... ये बात और है की वो लड़की खुद एक पुरुष कोच मैं अपना सिक्का जमाये हुई थी.. या यूँ कहें की परुषों का दिल बोहत बड़ा है महिलाओं को हर जगह स्थान दे ही देते हैं पर उस लड़के ने नाक कटवा दी.. पर मेरा मानना है लड़के दिल के बोहत साफ़ होते हैं किसी भी लड़की को देख कर उनके मुह से तारीफ ही निकलती हैं कितनी अच्छी लड़की है माशाल्लाह नज़र ना लगे चाँद का टुकड़ा है वगैरह वगैरह... पर लडकियां ऐसी क्यों नही होती...! अगर कोई लड़का उन्हें देख रहा है तो लड़कियां तारीफ करने की बजाय गलियाँ ही देती पाई गई है जैसे कमीना घूरता ही जा रहा है, कुत्तो की तरह दम हिला रहा है मजनू की औलाद वगैरह वगैरह...
इस बात से ये नतीजा निकलता है की लड़के लड़कियों के बारे मैं कितना अच्छा सोचते हैं और लडकियां, लडको के बारे मैं अच्छा नही सोचती... असल मैं बात सिर्फ इतनी है की लडकियां पहली नज़र मैं लड़के के बारे मैं दिमाग से सोचती हैं और लड़का इसके उलट दिल से सोचता है, पर कुछ दिन बाद लड़की जब दिल से सोचती है तो लड़का दिमाग से सोचने लगता है ... बाकी फिर कभी :)
( कृपया दिल पे ना लें ये महज़ एक व्यंग है लेखक भी महिला प्रेमी और उनका सम्मान करने वाला है ;)

Comments

  1. पाठक भी महिला प्रेमी और उनका सम्मान करने वाला है ;)

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