मुझे याद हो तुम और हमेशा रहोगी
सच कहता हूँ यादें कभी कम न होंगी .
तुम्हारा यूँ मुझे छोड़ के जाना याद है
वो ग़म की बरसातें अब कम न होंगी
तुमने तो भुला दिया ख्वाब समझकर.
इस टूटे दिल की धड़कन ख़त्म न होगी
तड़पता ही रह जायेगा उम्र भर ‘खुर्शीद’
पर चाहत सितमगर से कम न होगी .
-- Khursheed Alam
-- Khursheed Alam
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